क्या ह़ज़रते उवेस क़रनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने अपने दांत तोड़े थे
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*🥀 क्या ह़ज़रते उवेस क़रनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने अपने दांत तोड़े थे 🥀*
*♦️ अवाम में ये वाकि्आ बहुत मशहूर है कि जब ह़ज़रते उवेस क़रनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु को पता चला कि जंगे उह़द में नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के दंदान मुबारक शहीद हो गये हैं तो हज़रते उवेस क़रनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने अपने तमाम दांतों को शहीद कर दिया फिर आप को ह़लवा बना कर खिलाया गया और कुछ लोग कहते हैं कि अल्लाह तआला ने आप के लिए केला जो मशहूर फल है उस को पैदा फरमाया ताकि आपको खाने में तक़लीफ न हो*
*🪴ये वाकि्आ कई लोगों को इस तरह़ याद है जैसे मानों उन्हें पानी में घोल कर पिला दिया गया हो और शाबान (शबे बरात) का महीना आते ही वह उसे उगलना शुरू कर देते हैं लेकिन सच ये है कि इस वाकि्अ की कोई हकीकत नहीं है,आइये हकीकत पढ़ते हैं*
*🍁फ़क़ीहे आज़मे हिन्द-खलीफा ए हुज़ूर मुफ्तिये आज़मे हिन्द, शारेह़ बुखारी, ह़ज़रत अल्लामा मुफ़्ती शरीफ़ुल ह़क़ अमजदी अलैहिर्रह़मह तह़रीर फरमाते हैं कि ये रिवायत बिलकुल झूठ है कि जब ह़ज़रते उवेस क़रनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने ये सुना कि गज़वये उह़द में नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के दंदाने मुबारक शहीद हुए हैं तो उन्होंने अपना सब दांत तोड़ डाला और उन्हें खाने के लिए किसी ने ह़लवा पेश किया- ये वाकि्अ सही नहीं है*
*📚 फतावा शारेह़ बुखारी, जिल्द- 2, सफह- 114*
*🎍ह़जरत अल्लामा मुफ़्ती मुहम्मद यूनुस रज़ा उवेसी लिखते हैं कि ये रिवायत नज़र से न गुज़री और ग़ालिबन ऐसी रिवायत ही नहीं है अगरचे मशहूर यही है_*
*📚 फ़तावा बरेली शरीफ़, सफह- 301*
*🌈कुछ उलमा ए अहले सुन्नत ने इस वाकिये को तह़रीर फरमाया है लेकिन वह क़ाबिले क़ुबूल नहीं है, कियोंकि न तो उस की कोई सनद है और न कोई मोतबर माखूज़,हज़रते उवेस क़रनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के बारे में जो ये वाकि्अ आवाम में मशहूर है कि आप रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने इश्क़े रसूल में अपने दांतों को शहीद कर दिया सरासर झूठ है और जाहिलों का गढ़ा हुआ है,अगर चेह बाज़ तज़किरह की किताबों में इसका ज़िक्र मिलता है लेकिन वोह बे दीनों की मिलावट है, इस का सबूत किसी मुस्तनद और मह़फूज़ किताबों से नहीं मिलता,जिस तरह ये वाकि्अ नक़्लन साबित नहीं इसी तरह अक़्लन भी क़ाबिले तस्लीम नहीं है कियोंकि हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का कोई दांत मुबारक शहीद ही नहीं हुआ था और जब शहीद ही नहीं हुआ तो ह़ज़रते उवेस क़रनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने अपने दांत कैसे तोड़ डाले*
*🍄हुज़ूर नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का कोई भी दांत मुकम्मल तौर पर शहीद नहीं हुआ था बल्कि सामने वाले दांत शरीफ़ का एक छोटा सा टुकड़ा जुदा हुआ था जिस से नूर के मोतियों की लड़ी में एक अजीब हुस्न का इज़ाफ़ा हुआ था,जैसा कि शैख़ अब्दुल हक़ मुह़द्दिस दहेलवी लिखते हैं कि*
*🌹हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के दांत टूटने का ये माना हरगिज़ नहीं कि जड़ से उखड़ गया हो और वहाँ रुख़्ना पैदा हो गया हो बल्कि एक टुकड़ा शरीफ़ जुदा हुआ था*
*📚 अशअतुल लमआत शरेह़ मिशकात, जिल्द- 4, सफह- 515*
*👑 हकीमुल उम्मत ह़जरत अल्लामा मुफ़्ती अह़मद यार खान नईमी अलैहिर्रह़मह तह़रीर फरमाते हैं कि हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के दाहिनी के नीचे की चोकड़ी के एक दांत शरीफ़ का एक टुकड़ा टुटा था ये दांत मुकम्मल शहीद न हुआ था*
*📚 मिरआतुल मनाजीह़ शरेह़ मिशकातुल मसाबीह़, जिल्द- 8, सफह- 105*
*🌲ख़्याल रहे कि आजतक अक्सर दुनिया यही समझती रही है कि सामने के ऊपर के दांत शरीफ़ को कुछ हुआ था,हालांकि हकीकत यही है जो हम ने ब्यान की है कि नीचे के दांत शरीफ़ का मस्अला है और यही बात हमारे मुस्तनद मुह़क़्किकीन उलमा ने लिखी है,तो जब ये साबित हो गया कि हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम का कोई दांत मुकम्मल शहीद ही नहीं हुआ तो ह़ज़रते उवेस क़रनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से ये बात जोड़ना सही हो सकता है*
*जब बुनियाद ही साबित नहीं तो उस पर मह़ेल कैसे तामीर हो सकता है*
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*ख़्याल रहे कि ह़ज़रते अल्लामा मुफ्ती फैज़ अहमद उवेस रहमतुल्लाही अलैह ने इस वाकिये पर एक रिसाला लिखा है जिस में एक ग़लती तो ये है कि उस में लिखा है कि नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के सामने के चार दांत शहीद हुए थे,यानि जड़ से निकल गए थे,लिहाज़ा इस रिसाले की तहक़ीक़ दुरुस्त नहीं है*
*🌴हुज़ूर नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के साथ जो कुछ भी हुआ वोह काफिरों की तरफ़ से था न कि आप सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने खुद किया था तो सवाल उठता है कि दांत तोड़ना काफिरों की सुन्नत है या नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम की उसी जंगे उह़द में काफिरों ने नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम के चेहरे अनवर को ज़ख़्मी किया और सर मुबारक पर भी ज़ख्म लगाये और इसी तरह मक्का मुकर्रमा में नमाज़ की ह़ालत में आप पर वोझड़ी डाली गई तो ह़ज़रते उवेस क़रनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने ये सारे काम अपने साथ क्यों न किऐ इसलिए कि एक तो येह जिहालत में शुमार होगा और दुसरा खिलाफे शरअ भी*
*🍌 फिर जो केला मशहूर फल के बारे में कहा जाता है कि खास आप के लिए अल्लाह तआला ने पैदा फरमाया उस से पहले दुनिया में इस फ़ल का नाम निशान न था बिलकुल ग़लत है कियोंकि तमाम किताबों में जहाँ ह़ज़रते उवेस क़रनी रज़ियल्लाहु तआला अन्हु की गिज़ा का ज़िक्र है वहाँ वाज़ेह तौर पर लिखा है कि आप की गिज़ा रोटी और खजूर थी और ये भी ज़ाहिर है कि बगैर दांत के इन को खाना मुश्किल है और एक रिवायत ये भी है जब ह़ज़रते आदम अलैहिस्सलाम जन्नत से ज़मीन पर तशरीफ लाए तो अपने साथ अजवा खजूर,लेमूं और केला लाये*
*📚 موسوعہ ابن ابی ا لدنیا، جلد ۴ صفحہ نمبر ۳۴۶*
*👉 अब हम यह कह सकते हैं कि अगर दलाएल के रू से देखा जाए तो इस वाकिये की कोई हकीकत नहीं है,लिहाज़ा इस वाकिये को तक़रीर वगैरह में ब्यान न किया जाए ।*
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*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
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